कैसे हुई 24 साल के एक Bengali अभिनेत्री की मौत?

20 दिनों तक अपनी ज़िंदगी के लिए लड़ती रही अस्पतालों में लड़ाई और कैंसर जैसी घातक बीमारी को चकमा देती रही पिछले सात सालों से आंखिरकार 20 नवंबर को अभिनेत्री एन्द्रिला शर्मा की जीवन शैली समाप्त हो गई। सूत्रों के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट से 24 वर्षीय अभिनेत्री की मौत हो गई। बताया जा रहा है की 1 नवंबर को, Aindrila Sharma को ब्रेन-स्ट्रोक ( brain stroke ) हुआ और वह कोमा में चली गयी।

ब्रेन स्ट्रोक क्या है कैसे पता चलता है? (Brain stroke in Hindi)

आज के समय में ब्रेन स्ट्रोक  ( brain stroke ) से होने वाली घटनाएं काफी चर्चाओं में है चलो में आज हम आपको बताते है की ब्रेन स्ट्रोक क्या है, जब मस्तिष्क में कोई रक्त वाहिका अपना कार्य नहीं कर पाती है और उससे खून आपके मस्तिष्क तक नहीं पहुंच पाता और मस्तिष्क को खून की पूर्ति में रुकावट आती है तो स्ट्रोक आता है.

रक्त का गाढा या उसमें किसी तरह की रुकावट या खून की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाने के कारण मस्तिष्क के उत्तकों में रक्त और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है.

क्या है ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण ?

छूने पर एहसास कम होना,शरीर में काफी मात्रा में कमजोरी हाथ पाँव सुन्नता का एहसास , बोलने में कठिनाई लगातार आने वाले चक्कर शरीर संतुलन में दिक्कत, आंखों में धुंधलापन ब्रेन स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। यह आपके शरीर पर निर्भर करता है इसके कई और लक्षण भी हो सकते है |

brain stroke

क्या ब्रेन स्ट्रोक ठीक हो सकता है,और इसके दुष्प्रभाव क्या होते है ?

जी हाँ आम तोर पर डॉक्टरों द्वारा इसका सफल इलाज किया जा सकता है यह मरीज़ के बीमारी के स्थति के पर निर्भर करता है ,उसका शरीर रिकवरी करने में कितना टाइम लेता है कई मरीज इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं, लेकिन अन्य को लंबे समय के लिए या आजीवनकाल विकलांगता जैसी समस्या हो सकती है ।

बचाव ,उपचार एवं परहेज

ब्रेन स्ट्रोक का कोई भी घरेलु उपाय नहीं है, कई मरीज़ो में यह बीमारी ब्लड में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा बढ़ने की वजह से भी होती है , ब्लड में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा बढ़ने से मरीज का ब्लड (blood ) गाढ़ा होने लगता है और मरीज की नसो में एक पदार्थ जमने लगता है और यह नशो को शरीर के सभी अंगों में ब्लड पहुंचाने में रुकावटें पैदा करता है

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की मात्रा कम करने के लिए नियमित रूप से व्याम करें तले भुने चीज़ों से परहेज करें,फलों का सेवन करें ,अपने भोजन में हरी सब्जिओं का प्रयोग करें ,फास्ट फूड पिज्जा, बर्गर, चाउमीन, फ्राइज जैसी चीजें खाने से परहेज करें अपने डॉक्टर से सलाह ले हर तीन माह में अपने शरीर की जांच करवाएं

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